Rashifal 2018 in Hindi for 12 Moon Signs – २०१८ का १२ चंद्र राशियोंका राशिफल


Rashifal 2018 in Hindi for 12 Moon Signs – २०१८ का १२ चंद्र राशियोंका राशिफल

rashifal 2018२०१८ साल में शनि धनु राशि में रहेगा. गुरु तुला राशि में अक्टूबर २०१८ तक रहेगा. इन दोनों ग्रहों का प्रभाव ही अधिकतर साल का राशिफल तय करता है। हमने यहाँ १२ चंद्र राशियोंका राशिफल २०१८ (Rashifal 2018) लिखा है।

 

मेष Rashifal 2018

शनि आपके भाग्य स्थान में भ्रमण करेगा. आपके लिए यह साल मध्यम फलदायी रहने का संभावना है। शनि आपके भाग्य स्थान में भ्रमण करेगा। इससे भाग्य का साथ कम मिलेगा और काम पूरा होने में वक्त लगेगा। विलंब व बाधा के साथ ही नई चुनौतियों का सामना करने के लिए आपको मानसिक रूप से तैयार भी रहना चाहिए। कई बार कड़ी मेहनत करने पर भी भाग्य का साथ नहीं मिलने से अपेक्षित फल से वंचित रहने की शिकायत रहेगी। इस साल के अंत तक राहु का चौथे स्थान में भ्रमण होगा। इस समयावधि में बुजुर्गों से जुड़ी चिंता अधिक रहेगी। मई २०१८ के प्रारंभ से अक्टूबर २०१८ के अंतिम तक आपके दशम स्थान में केतु के साथ मंगल की युति प्रोफेशनल मोर्चे पर चौकन्ना रहने की सलाह दे रहा है। साल के आरंभ में जोड़ों में तकलीफ, बीपी और पाचन से संबंधित परेशानियों के प्रति सजग रहना होगा. कुल मिलकर ये साल चुनौतीपूर्ण रहेगा।

वृष Rashifal 2018
इस साल आपको अपनी सेहत का विशेष ख़्याल रखना पड़ेगा। आप बर्ताव इस साल काफी आक्रमकतापूर्वक रहेगा, जिसका प्रभाव नकारात्मक रहेगा। इसीलिए अधिक आक्रमकतासे कृपया बचिए। सफलता पाने के लिए आपको पूरे साल कठिन परिश्रम करने की आवश्यकता है। संभव है कार्य में आपको कुछ निराशा हाथ लगे। अक्टूबर २०१८ के बाद आर्थिक तौर पर प्रगति होगी; साथ ही आपका वैवाहिक जीवन भी अधिक सुखमय रहेगा। इस साल छोटी यात्राओं से आपको फ़ायदा होगा। यह भी संभव है कि आप तीर्थयात्रा पर जाएँ। बाल-बच्चे तरक़्क़ी करेंगे तथा उनका प्रदर्शन अच्छा रहेगा। हालाँकि इस साल आप किसी भी विवाद या टकराव में फँसने से बचें–व्यर्थ के विवाद में आपको वित्तीय तौर पर हानि हो सकती है। शुरुआती दो महीनों में किसी भी तरह की कंट्रोवर्सी में पड़ने से बचें, इससे आपकी छवि को नुक़सान पहुँच सकता है। हालाँकि आप किसी भी तरीक़े की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। स्वास्थ्य के प्रति सजगता ज़रूरी है–विशेषतः खान-पान का ध्यान रखें और वज़न न बढ़ने दें। आप अपने जीवनसाथी या किसी धार्मिक क्रिया-कलाप पर ख़र्चा कर सकते हैं। कुल मिलाकर २०१८ आपके लिए सामान्य रहेगा, लेकिन आपको इस साल कई नई चीज़ें सीखने को मिलेंगी। कुल मिलकर वैवाहिक जीवन व आर्थिक स्थिति के लिए साल बेहतर है।

मिथुन Rashifal 2018
मिथुन राशि के जातकों में अभिव्यक्ति की कला अन्तर्निहित होती है–यह क्षमता आपको पूरे साल मदद करेगी। हालाँकि पहले महीने में आपको अपने शब्दों पर ध्यान देने की ज़रूरत है, क्योंकि शब्दों का ग़लत चुनाव विवाद की वजह बन सकता है। काम-काज को बढ़ाने के लिए आप घर से दूर जा सकते हैं। इससे आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा होगा। हालाँकि इसके चलते प्रियजनों से हुई दूरी आपको बेचैन कर सकती है। इसलिए निजी और पेशेवर जीवन में सन्तुलन बनाने की आवश्यकता है। जहाँ तक बाल-बच्चों को लेकर मिथुन के लिए २०१८ भविष्यफल की बात है, उनका ऊधमी बर्ताव जारी रहेगा, लेकिन वे तेज़ी-से नई-नई चीज़ें सीखेंगे और विभिन्न गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। यदि आपका अभी तक विवाह नहीं हुआ है और आप इसके इच्छुक हैं, तो दिसंबर २०१८ के मध्य तक इच्छित साथी से बैंड बजने के योग भी बनते नज़र आ रहे हैं। साल की आख़िरी तिमाही में ख़र्चे बढ़ सकते हैं, इसलिए ज़रा संभलकर जेब ढीली करें। सेहत में उतार-चढ़ाव मुमकिन है और वात रोग, गठिया आदि के संकेत दिखाई दे रहे हैं–खान-पान में सावधानी अपेक्षित है। इस साल व्यवसाय अधिक लाभ लेकर आएगा। आपकी पेशेवर सफलता की बुनियाद आपके द्वारा किया गया परिश्रम ही रखेगा। कुल मिलकर इस साल आपको उन्नति और सफलता के कई मौक़े मिलने वाले हैं।

कर्क Rashifal 2018
कर्क राशि वालो, पूरे साल आप उत्साह से लबरेज़ रहेंगे और दूसरों को नेतृत्व प्रदान करने के इच्छुक होंगे। हो सकता है कि इस साल आपके कुछ प्रियजन आपको ठीक-से नहीं समझें और इसके चलते रिश्तों में तनाव आ सकता है। पारिवारिक जीवन सौहार्दपूर्ण रहेगा–छोटी-मोटी नोंक-झोंक को नकारा नहीं जा सकता है। आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और कार्यक्षेत्र में आपका सम्मान बढ़ेगा। सामाजिक तौर पर भी २०१८ में आपका यश फैलेगा। इस साल आपका पूरा ध्यान सेहत के ऊपर होना चाहिए, क्योंकि संक्रामक रोगों की चपेट में आने की संभावना है। वैवाहिक जीवन में थोड़ा असंतोष महसूस हो सकता है–इस दौरान तल्ख़ वाद-विवाद से बचने में ही समझदारी है। ख़र्चों में काफ़ी इज़ाफ़ा हो सकता है। हालाँकि कमाई भी ठीक होगी, लेकिन ख़र्चों पर लगाम लगाने की ज़रूरत बनी रहने वाली है। ऐसा न होने पर आर्थिक रूप से काफ़ी दिक़्क़तें आ सकती हैं। विद्यार्थी इस दौरान अच्छा प्रदर्शन करेंगे और बच्चों की संकल्प-शक्ति में वृद्धि होगी। आप आरामदेह जीवन का आनन्द उठाएंगे, क्योंकि पूरे साल आपकी सोच के केन्द्र में सुख-सुविधाएँ रहने वाली हैं। इसके लिए आप कठिन परिश्रम भी करेंगे। कुल मिलाकर यह साल आपके लिए बढ़िया है, लेकिन कुछ चुनौतियों का सामना भी आपको करना पड़ सकता है।

सिंह Rashifal 2018
सिंह का भविष्यकथन संकेत कर रहा है कि इस साल धार्मिक और आध्यात्मिक क्रिया-कलापों के प्रति आपका रुझान बढ़ेगा। मुमकिन है कि इस दौरान आप तीर्थयात्रा पर भी जाएँ। जनवरी-फ़रवरी २०१८ में भाई-बहन में किसी की तबियत बिगड़ सकती है। आपके पराक्रम में बढ़ोत्तरी होगी। यदि बात प्रेम-संबंधों कि करें तो आपको मिश्रित फल प्राप्त होने वाले हैं–एक तरफ़ कुछ ग़लतफ़हमी होना मुमकिन है, वहीं दूसरी तरफ़ अपने प्रिय के साथ संबंधों की ताज़गी भी महसूस कर सकते हैं। आपके कर्म आपको सफलता की राह पर ले जाएंगे; हालाँकि आपको आलस्य से दूर रहने की ज़रूरत है। वैवाहिक जीवन में सुख की वृद्धि होगी। इस साल आप अनुभव कर सकते हैं कि आपका जीवन आगे की ओर तेज़ी-से बढ़ रहा है और अलग-अलग तरह के हालात आपकी राह में आ रहे हैं। आर्थिक तौर पर आप प्रगति करेंगे। बच्चों को ज़्यादा मेहनत करने की ज़रूरत है। आपको बच्चों का ख़ास ख़्याल रखना पड़ेगा और उनके उद्देश्यों की प्राप्ति में उनकी सहायता करनी पड़ेगी। आपके लिए विदेश-यात्रा के योग भी नज़र आ रहे हैं। जनवरी-फ़रवरी २०१८ में गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अक्टूबर के मध्य से पारिवारिक व पेशेवर जीवन में सकारात्मक चिह्न दिखाई देने लगेंगे। सामाजिक तौर पर प्रतिष्ठा में भी इस साल वृद्धि होगी।

कन्या Rashifal 2018
कन्या के लिए २०१८ राशिफल कहता है कि यह साल आपके लिए बड़ी-बड़ी उपलब्धियों का साल रहेगा। आपके पास कई बेहतरीन मौक़े आएंगे, जिनसे आपको काफ़ी आर्थिक लाभ हासिल होगा। सामाजिक तौर पर आप सक्रिय रहेंगे तथा आपकी प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी। मित्रों व प्रियजनों के साथ इस साल अच्छा समय बीतेगा। हालाँकि विद्यार्थियों को एकाग्रता की कमी से जूझना पड़ सकता है। इसलिए इस साल सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करने की ज़रूरत है। आपको अपने बच्चों की ज़्यादा देख-भाल करने की ज़रूरत है, क्योंकि सेहत से जुड़ी कुछ समस्याएँ उन्हें घेर सकती हैं और इसके चलते आपको भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पेशेवर तौर पर यह समय आपके लिए अच्छा रहने वाला है। आपको विभिन्न कार्यों में सफलता मिलेगी। लंबे समय से यदि कोई इच्छा आपके मन में है, तो वह भी इस साल पूरी हो सकती है। संपूर्ण साल धनार्जन अच्छा चलता रहेगा। जनवरी २०१८ में अचानक लाभ मिलने के योग हैं। अक्टूबर के बाद आय में और भी अधिक वृद्धि हो सकती है। जीवनसाथी के माध्यम से फ़ायदा होने की संभावना है लेकिन उन्हें ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है–सेहत से जुड़ी किसी दिक़्क़त का सामना करना पड़ सकता है। चाहे जो हो, परिवार से आपको पूरा सहयोग मिलता रहेगा। दफ़्तर से जुड़े किसी काम के लिए आपको परिवार से दूर जाना पड़ सकता है। साल २०१८ में परिवार में कोई मांगलिक कार्य संपन्न होगा। नए मेहमान के आने के योग भी बन रहे हैं। कुल मिलाकर हर दृष्टिकोण से यह साल आपके लिए विशेष रहने वाला है। आपको सिर्फ़ विवादों से दूर रहकर पारिवारिक जीवन में शान्ति बनाए रखने की आवश्यकता है।

तुला Rashifal 2018
साल की शुरुआत ऊर्जा रहेगी, लेकिन व्यवहार में आक्रामकता हो सकती है जिसे नियंत्रित करने की आवश्यकता है–वैवाहिक और पारिवारिक जीवन में सुख-शान्ति के लिए यह ज़रूरी है। जनवरी २०१८ से मार्च २०१८ के दौरान सेहत थोड़ी गड़बड़ रह सकती है। शब्दों को सोच-समझकर बोलें, नहीं तो मुमकिन है कि उनसे किसी की संवेदनाएँ आहत हों। इस साल कार्यालय आपके लिए अच्छा रहने वाला है क्योंकि यहाँ आपके विचार मूर्त रूप धारण करेंगे और चीज़ें आपके अनुकूल होती दिखेंगी। लेकिन आपको आलस्य से दूर रहने की ज़रूरत है। सहकर्मियों का व्यवहार सामान्य रहेगा; आपको अपनी क्षमताओं का उपयोग करने की आवश्यकता है। जनवरी २०१८ से मार्च २०१८ के बीच आय में वृद्धि के योग भी नज़र आ रहे हैं। इसके बाद आपके प्रयास नए क्षेत्रों के दरवाज़े खोलेंगे। घरेलू जीवन में संतोष और सुख का अभाव महसूस हो सकता है; संभव है आप ख़ुद को परिजनों से थोड़ा दूर महसूस करें–यह भी हो सकता है कि आप घर-परिवार को काफ़ी कम समय दे पाएँ। कई छोटी-छोटी यात्राएँ और कुछ लंबी दूरी की यात्राएँ इस साल होना मुमकिन हैं। बच्चे आनन्दित रहेंगे और ज़िन्दगी का लुत्फ़ उठाएंगे। विद्यार्थी कठिन परिश्रम करेंगे और फिर उसका फल भी प्राप्त करेंगे। मार्च के बाद वैवाहिक जीवन में काफ़ी बेहतरी होगी। कुल मिलाकर यह साल आपके लिए बढ़िया रहेगा। आपको आय के नए स्रोत ढूंढने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।

वृश्चिक Rashifal 2018
वृश्चिक राशि के जातकों को इस साल कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। यदि आप दृढ़ता से ऐसा करने के लिए तैयार हैं तो आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे। जनवरी से मार्च के दौरान सेहत को लेकर आपको थोड़ा सजग रहने की ज़रूरत है। इसके बाद आपके स्वास्थ्य में सुधार होगा और शरीर में रोग-प्रतिरोधक शक्ति आएगी। आप अपने विरोधियों पर विजय पाएंगे। जहाँ तक आर्थिक हालात की बात है तो इस साल–विशेषतः अक्टूबर २०१८ तक–आपके ख़र्चे काफ़ी अधिक रहेंगे, जिससे आपकी वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। आपको बहुत सोच-समझकर निवेश करने की ज़रूरत है। साल २०१८ में यदि आप अच्छी आय हासिल करना चाहते हैं, तो कठिन परिश्रम के लिए कटिबद्ध हो जाएँ। जो उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहते हैं, उनके लिए अच्छा समय है। बच्चे जीवन का आनन्द लेंगे, लेकिन उन्हें एकाग्रता से जुड़ी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। वैवाहिक जीवन में सुखद परिणाम मिलेंगे। जीवनसाथी का सहयोग आपको प्रत्येक काम में मिलेगा। कार्यक्षेत्र में चुनौतियाँ तो होंगी, लेकिन प्रगति के भी अनेक अवसर हासिल होंगे। कुल मिलाकर यह साल आपको मिश्रित परिणाम देगा।

धनु Rashifal 2018
धनु राशि के भावकों को २०१८ साल प्रगति के कई मौक़े मिलेंगे। आपके संकल्प की दृढ़ता आपको २०१८ साल में बहुत आगे ले जाएगी। मार्च २०१८ तक आय में वृद्धि होने के योग दिखाई दे रहे हैं। उसके बाद मई २०१८ तक आपके ख़र्चे में वृद्धि हो सकती है, लेकिन उसके बाद फिर बाक़ी बचे साल के लिए गाड़ी पटरी पर लौट आएगी। रुपये-पैसे की अधिक चिन्ता नहीं रहेगी। आय के नए स्रोतों को खोजने की ओर आपका रुझान रहेगा और आप एकाधिक स्रोतों से धनार्जन करने में सफल भी रहेंगे। शनि देव आपको कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेंगे। हालाँकि काम में आवश्यकता से अधिक व्यस्तता भी अच्छी नहीं है; आपको अपनी सेहत का भी ध्यान ठीक से रखना चाहिए। मार्च २०१८ से मई २०१८ तक का समय थोड़ा मुश्किल हो सकता है और अक्टूबर के बाद स्वास्थ्य से जुड़ी किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। गाड़ी चलाने में सावधानी बरतें। बच्चे परिश्रमी रहेंगे और विद्यार्थी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। घरेलू जीवन सौहार्दपूर्ण रहेगा–कभी-कभी थोड़ी नोंक-झोंक को नकारा नहीं जा सकता है। हालाँकि इस साल आपको बोलते समय संयम बरतने की ज़रूरत है, अन्यथा रिश्तों में तनाव पैदा हो सकता है। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा, लेकिन जीवनसाथी का स्वास्थ्य आपको चिंतित कर सकता है। प्रेम के पक्ष में बेहतरी नज़र आ रही है। विरोधियों पर आप क़ाबू करने में सफल रहेंगे। कुल मिलाकर यह साल आपके लिए अच्छा है, हालाँकि सेहत को लेकर सतर्क रहें।

मकर Rashifal 2018
इस साल आप यह समझ सकेंगे कि जीवन अपनी गहनता में क्या-क्या अर्थ समेटे है। एक तरफ़ आपके ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है और आप महसूस कर सकते हैं कि आर्थिक तौर पर हालात थोड़े कठिन हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सेहत को लेकर भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपके तार विदेशों से जुड़ सकते हैं और उस ज़रिए से आपकी आय में वृद्धि होने के योग भी बन रहे हैं। वैदिक ज्योतिष का संकेत समझें तो अध्यात्म में आपका रुझान बढ़ेगा और भौतिक वस्तुओं से थोड़ी दूरी महसूस करेंगे। कार्यक्षेत्रे में आपकी बात अधिक सुनी जाएगी, लेकिन याद रखें–किसी भी तरह के विवाद से दूर रहना ही आपके हित में है। कार्यक्षेत्र में न सिर्फ़ आपकी ज़िम्मेदारियों में इज़ाफ़ा होगा, बल्कि आपकी प्रतिष्ठा में भी काफ़ी वृद्धि होगी। कोई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी आपके सुपुर्द किया जा सकता है। विद्यार्थियों की स्थिति अच्छी रहेगी और शिक्षा व नई चीज़ों को सीखने की ओर उनके रुझान में बढ़ोत्तरी होगी। अपने वरिष्ठों से अच्छे रिश्ते बनाए रखें, उनसे आपको विशेष सहायता प्राप्त हो सकती है–ख़ास तौर पर मार्च २०१८ और मई २०१८ के बीच। पारिवारिक जीवन में ख़ुशियाँ बिखरी रहेंगी और रिश्तों में गर्माहट बढ़ेगी। हालाँकि वैवाहिक जीवन में कोई छोटी ग़लतफ़हमी पैदा हो सकती है, जिससे बचने का भरसक प्रयास आपको करना चाहिए। अक्टूबर २०१८ के बाद वैवाहिक जीवन काफी सुधरेगा और आपका निजी जीवन अधिक सुखद प्रतीत होगा। कुल मिलाकर इस साल आप जीवन में प्रगति करने के आसार नजर आ रहे है।

कुम्भ Rashifal 2018
इस साल अक्टूबर २०१८ तक कृपालु गुरु तुला राशि में और नवंबर २०१८ के महीने तक वृश्चिक राशि में भ्रमण करेगा। राहु व केतु क्रमानुसार कर्क व मकर राशि में वहीं शनि धनु राशि में गतिमान रहेगा। मई २०१८ के प्रारंभिक चरण से अक्टूबर २०१८ के अंतिम चरण के दौरान मंगल व केतु युति में रहेंगे। आपका सूझबूझ के साथ लिए निर्णय इस साल आपकी प्रगति की नींव रखेगा। आपका ध्यान मुख्यतः धनार्जन पर केन्द्रित रहेगा और अपने कठिन परिश्रम से आप काफ़ी लाभ प्राप्त करने में भी सफल रहेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति काफ़ी अच्छी रहेगी। लंबी यात्राओं का योग भी इस साल बन रहा है। राशिफल २०१८ के मुताबिक़ इस साल आप बुद्धिमत्तापूर्ण फ़ैसले करेंगे। यदि आप ख्याल रखे तो आपकी सेहत में भी अच्छा सुधार हो सकता है और लंबे समय से चली आ रही किसी बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। वरिष्ठों से आपको प्रशंसा मिलेगी। आप अच्छे क्रिया-कलापों में समय लगाएंगे। वैवाहिक जीवन में प्यार और स्नेह छाया रहेगा। हालाँकि साल के शुरुआती दो महीने थोड़े चुनौतीपूर्ण हैं, क्योंकि इस दौरान थोड़े झगड़े हो सकते हैं या आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य भी थोड़ा गड़बड़ हो सकता है। छात्र-छात्राएँ कड़ी मेहनत करेंगे। बच्चों के चलते थोड़ी खीझ हो सकती है, लेकिन याद रखें–उन्हें फलने-फूलने के लिए प्रेम की ज़रूरत होती है। कुल मिलाकर यह साल आपके लिए सकारात्मक और प्रगति से भरा रहेगा।

मीन Rashifal 2018
मीन राशि के जातक संवेदनशील होते हैं–आन्तरिक और वाह्य दोनों ही नज़रिए से। इस साल आपकी संवेदनशीलता में और इज़ाफ़ा होगा। ख़ास तौर पर आपको पूरे साल अपनी सेहत का ख़ास ख़्याल रखने की ज़रूरत है। आवश्यकता से अधिक तनाव और बहुत ज़्यादा काम-काज आपकी तबियत ख़राब कर सकता है। कार्यक्षेत्र में आप पूरे प्रयत्न झोंक देते हैं ताकि मन मुताबिक़ परिणाम हासिल हो सकें। वरिष्ठ आपसे काफ़ी अच्छा प्रदर्शन की आशा करेंगे, इसलिए आप पर अधिक दबाव आ सकता है। आर्थिक तौर पर जनवरी २०१८ थोड़ा चुनौती भरा रहेगा। इसलिए कोई भी बड़ा आर्थिक काम फ़रवरी २०१८ तक टालना बेहतर रहेगा। उसके बाद वित्तीय तौर पर स्थितियों में काफ़ी सुधार होगा और आय में वृद्धि होगी। किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है। वैवाहिक जीवन बढ़िया रहेगा और आपका जीवनसाथी आपको हर तरह से पूरा सहयोग करेगा। काम-काज के चलते स्थान-परिवर्तन का योग भी नज़र आ रहा है। बच्चों को सही-ग़लत की सीख देने के लिए आपको उनके साथ थोड़ी सख़्ती से पेश आना पड़ सकता है। विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में शॉर्टकट निकालने की कोशिश कर सकते हैं और स्वभाव कुछ मनमौजी होने की संभावना है–पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान बनाए रखें। आप जीवन में भी शॉर्टकट मारने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। दीर्घावधी में सीधे चलना ही ज़्यादा फ़ायदेमंद साबित होता है। अक्टूबर के बाद जीवन में कई सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देंगे। इस साल आपको अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए और कार्य व निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए।

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2018 Horoscope for 12 Moon Signs – Yearly Predictions for 12 Moon Signs


2018 Horoscope for 12 Moon Signs

2018 Horoscope2018 Horoscope for a particular moon sign is dependent upon the transit movement of various planets in different signs during the year. Vedic astrology considers moon sign and positions of different planets as per the transit movement. While preparing the predictions based on current planetary positions, one must also take into account the Mahadasha, the strength and degree of the different planets.

In the year 2018, Sun will be transiting into Capricorn Sign on 14 January 2018 and will be transiting into the next sign every month.

Mercury will be starting its transit with moving into Sagittarius Sign on 6 January and thereafter after transiting through various signs Mercury will be transiting into the Scorpio Sign on 26 October towards the end of 2018.

Mars is expected to begin its transit from Scorpio Sign on 17-January and complete its transit in Pisces on 23-December.

Jupiter will start its transit in Libra and on 11-October, it will move into Scorpio sign.

Venus will be transiting into Capricorn Sign on 13-January and towards the end of 2018 it will be transiting into Libra on 1-September.

Saturn has already transited in Sagittarius sign and will remain there throughout the year.

Rahu will be transiting in Cancer Sign during the year 2018 and accordingly Ketu will remain in Capricorn sign.

Lets now look at 2018 Horoscope for 12 Moon Signs below:

2018 Horoscope for Aries:
Planets will be expecting a lot more hard work from Aries people. For Aries people, the life will offer both new opportunities as well as life lessons to learn. They will do very well in career and accordingly the satisfactory income can be desired during the year. Aries people need to be wary of domestic issues. They need to ensure they manage the domestic issues dilligently and do not allow them to escalate into bigger issues. During March to July 2018, there are chances of hightened and uncontrolled spike in expenditures. For businessmen, the advice is not to start any new business venture during the period of April 2018 to September 2018. Overall it looks promising year for Aries people.

2018 Horoscope for Taurus:
2018 will be providing a peaceful and relaxing time for Taurus people in the new year 2018. They need to keep their anger under control and value the relationships. By doing they can nurture their love relationships. On the professional front, though it good time for their career progress, however they should not consider the job change during the year as it might prove to be counter productive. They are advised to pay more attention to their job and ensure it is secured especially during the March to July 2018 period. Time after May 2018 is expected to be good for their spouse. They may get an opportunity to work on foreign soil, however it should be through their existing working organization. Strong chances of settling the debts during the year.

2018 Horoscope for Gemini:
Many new business and growth opportunities are ahead for Gemini people, however they need to exercise caution during the period of May to November. They will be full of energy during the year. Rahu may spoil their language this year so think twice before they utter anything controversial. It is advised not to lend money to anyone. They are advised to keep working hardIf married, the period after October could be rough.

2018 Horoscope for Cancer:
This year, there could be some confusion and stress but if they maintain an optimistic approach, life would not be as hard as it may seem. There would be sudden opportunities that may bring they money for a long while; it could be income from rent or sale of ancestral property or a new business proposal. Work pressure would be high which means they will need to maintain work-life balance before it affects their relationships.


2018 Horoscope for Leo:
This year will bring a lot of mental relief but don’t let anger take the better of they. Haters will hate, but they know how to deal with them. That said, it would be in their best interest to not create new enemies. Victory in court case is also indicated. But if in business, keep a watch on competitors in the market. On the whole, the business is expected to be growth-oriented and they might have to travel a lot from March to July. This year also offers a good opportunity to buy a new house or settle abroad. However, their 2018 horoscope also indicates possibility of some fresh ailment so health needs attention.

2018 Horoscope for Virgo :
Communication and intellect would be their strong suit this year. And they seem to have a good energy level too. However, from May to November, they might become short tempered. Avoid purchasing a house this year and also, do not trust anyone in business matters in the second half of the year. If married, relationship would become sweeter if they pay respect to their spouse and their family.

2018 Horoscope for Libra:
Career would remain their priority it seems but they will also spend enough time with their social circle this year. 2018 is a year to be practical. Do not make false promises or hand over something of value to someone they don’t trust. The period from May to November is not much positive for their domestic life but spouse would have substantial monetary gains during this period. On the career front, the period from March 2018 to July 2018 will be crucial and accordingly they are advised not to take any hasty decision such as job switch.

2018 Horoscope for Scorpio:
2018 would get off to a good start as long as they know how to make the best use of the energy they seem to have as the year begins. Planets are poised to make they intolerant of crude people and conversations. their temperament at this time is serious and helping. May to November 2018 period is expected to be full of confidence and courage, make the best use! Siblings will also do well in this period. During the year, they could give efforts for foreign settlement during the period from March to July 2018. This period is also good for foreign and spiritual travel. For unmarried people, strong possibility to get married.

2018 Horoscope for Sagittarius:
they would become a serious, generous and disciplined person. However, their outlook and temperament may be a bit unstable during April to September. Avoid taking any major steps during this period. This is a good year for they to settle in a foreign place. Career and income graph would show upward trends but not without cutthroat competition and challenges. During the period from March to July 2018, they need to be more cautious in career and money matters. Property deals would be favorable this year, not after October though.

2018 Horoscope for Capricorn:
Capricorn, their talents and skills would come to light now. Stay calm and focus on their work. As long as they do this, there is no looking back. The period from March to July 2018 is supposed to be tricky as far as career goes. During this period caution needs to be taken and job change should be avoided. This year is not much promising in terms of business partnerships. It would be good idea to screen all the paperwork theirself before giving a green signal. Strong chances of earning gains from foreign soil during the period from April to September 2018. Things might take time to materialize. Avoid misunderstandings in relationships too.

2018 Horoscope for Aquarius:
Aquarius people will be on a hunt to acquire multiple sources of earning this year, it seems. Have patience, they would eventually get recognition they deserve. And don’t be afraid to make some compromises either. Making new connections this year would help they a lot later in life. But frequent mood changes could adversely affect their personal and professional relationships so change their approach accordingly. Try to be understanding and diplomatic at work, it will help progress faster.

2018 Horoscope for Pisces:
their interest in spirituality would expound further, affording more peace and contentment. It is expected to be tough time as far as career goes. They might find it stressful at times. This might prove to be a forceful job change or transfer as well. From October 2018 onward, career can be desired to be back to normalcy or stability. The advice is here to practice patience and keep expectations low. During the April to September 2018 period, the results i.e. outcomes would be taking more time than anticipated. So it is advise not be rushing or getting impatient. They have good energy and luck quotient. All they need is some patience to make it far.

१२ चंद्र राशियोंका राशिफल २०१८ हिंदी में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये, १२ चंद्र राशियोंका राशिफल २०१८

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Venus Transit 2017 in Sagittarius and Conjunction with Saturn


Venus Transit 2017 in Sagittarius and Conjunction with Saturn

Saturn & Venus conjunction (Venus Transit 2017) in a horoscope is highly desirable and beneficial. This kind of conjunction has already proved very beneficial and caused enormous success stories that include Indian PM Narendra Modi, US President Donald Trump.
Venus Transit 2017
Venus Transit 2017 in Sagittarius is causing Venus and Saturn Conjunction together. This conjunction of Venus with Saturn is a rare opportunity for individuals to firm up the foundation of building up wealth in the year 2018.
Venus Transit 2017 causing the conjunction of Saturn-Venus begins on 20th December 2017. This conjunction will continue till 13th January 2018. This is considered to be a wonderful and favorable period as far as financial decisions. Also this period can prove to be beneficial in taking professional decisions. Studying the analysis of this conjunction and its relative impact in individual horoscope is very important.

 

Whether one would gain from the investments, business, job, real estate, creative power or the plain ability to speak & influence the people, your financial status & wealth combinations are all can be known from the study of individual horoscopes.
As per the Vedic astrology one should analyze the connection between 2nd house and 11th house of one’s horoscope along with the positioning of Jupiter, Saturn and Venus to indicate if there is any wealth creation opportunity. Linkage between 4th house and 11th house suggest wealth creation from real estate transactions. If you have a strong 8th house, then one can expect benefits from other’s wealth due to good deeds from past births. Strong 5th and 9th houses also indicate the strong money earning opportunities.
All in all good time for all the people due to this conjunction in Sagittarius. Hope you have liked our Venus Transit 2017 in Sagittarius article.
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Leave Travel Allowance (LTA) – Rules, Exemption & Calculation


Leave Travel Allowance (LTA or LTC) – Exemption & Calculation

What is Leave Travel Allowance (LTA)?

Leave Travel Allowance (LTA) is a allowance type which is given to an employee from his employer to cover his travel expenses when he is on leave from work. LTA is exempted from tax u/s 10(5) of Income Tax Act, 1961.

Leave Travel Allowance (LTA)LTA or LTC can be broadly categorized as below in 2 parts:

1) Any travel assistance received by employee from his employer for himself and his dependent family to cover expenses incurred in travelling while on leave.
2) Any travel assistance received by employee from his former employer for himself or his dependent family to cover expenses incurred in travelling after retirement or termination of his service.

Dependent Family Members includes:

  1. a) Spouse of individual
    b) Children of individual
    c) Parents of individual (mainly or wholly dependent on the individual)
    d) Brothers and sisters of individual (mainly or wholly dependent on the individual)

Exemption Rules

  • People incur several kinds of expenses during their holiday trip but not all of them are covered by LTA. Expenses made on food, shopping, etc. are not tax deductible.
  • Only the expenses made by employee on travelling are born by the employer for which he provides LTA to the employee.
  • The individual must preserve the proof of travel as the same may be required at the time of tax auditing.
  • Exemption is allowed for only twice within a block of 4 years.
  • Amount of exemption is decided as per the mode of transportation opted for and the connectivity of the place of travel

 

What are Leave Travel Allowance (LTA) block years?

LTA block is a period of 4 years suggested by IT Department during which exemptions can be claimed 2 times during every block period.

Here is the list of the block years suggested by IT department so far:

Block no. Period
1 1986-89
2 1990-93
3 1994-97
4 1998-01
5 2002-05
6 2006-09
7 2010-13
8 2014-17

Current LTA Block Year

The current on-going block year is the 8th block year. The 4 years in this block are the years 2014, 2015, 2016 and 2017.

List of Expenses Exempt under LTA

1) In case of travel by Air

economy air fare of national carrier by the shortest route or the actual amount spent on travel whichever is less is exempt from tax.

2) In case of travel by Rail

A.C. first class rail fare by shortest route or actual amount spent on travel whichever is less is exempt from tax.

3) If the origin and destination spots of journey are connected by rail but journey is performed by other mode of transport and not air or rail

A.C. first class rail fare by shortest route or actual amount spent on travel, whichever is less is exempt from tax.

4) If the origin & destination points are not connected by rail or air (partly/fully) but connected by other recognized Public transport system

first class or deluxe class fare of such transport by shortest route or actual amount spent on travel, whichever is less is exempt from tax.

5) If the place of origin & destination are not connected by rail or air (partly/fully) and also not connected by other recognized Public transport system

AC first class rail fare by shortest route (if the journey was performed by rail) or the amount spent on travel, whichever is less is exempt from tax.

If the assesse did not use LTA provided by his employer either once or twice (the permitted limit) in a 4 years block period he can still claim LTA exemption by using LTA in the year immediately succeeding the earlier 4 years block.

Let’s understand this with the help of an example:

Suppose Mr. Ramesh claimed only one exemption during the 7th block which lasted from 2010-13. He still has one exemption remaining. So when can he claim it?

Mr. Ramesh can claim this concession in the next year, i.e. 2014 which is part of the current block. So, in the current block period (i.e. 2014-17), he can avail LTA claims 3 times in total but he needs to claim the carry over LTA of previous block in 2014 only and not later than that.

Limitations or Restrictions Applicable under LTC

  • LTC covers only domestic travel, i.e. only within India. International travel is not covered under this.
  • To claim LTA, the mode of travel should be either air, railway or public transport.
  • LTA is provided for only travel expenses.
  • Tax exemption on LTA cannot be claimed for more than 2 children on an individual. This restriction is not applicable if children are born before October 1st 1998.
  • Children born out of multiple birth after the first child will be treated as one child only. So the above mentioned restriction will not be applicable in this case also.

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How To Do Meditation? – Effective Meditation Techniques and Guidelines for Mindfulness Meditation


How To Do Meditation? – Effective Meditation Techniques and Guidelines for Mindfulness Meditation

Mindfulness MeditationBelow are the very important and effective guidelines and techniques on how to do meditation to achieve ultimate benefits of Mindfulness Meditation:

 

  1. Sadhana should be initiated in a quite mood, consciously with awareness.
  2. Practice the Asanas as Sadhana and not merely a ritual.
  3. Early morning is most suited time, otherwise evening also will do. Sadhna should be done with empty stomach or after a gap of 4-5 hours after meals.
  4. Practice them at a specific place and on a dedicated carpet, as this Sadhana creates some positive vibrations.
  5. Sitting peacefully with body and breath awareness can make the mind quite and conductive for Sadhana.
  6. Pranav Sadhana with open /closed eyes and chanting of “Om” three times with vibration in “Oo” and “Ma” can have continued mental attachment with the process.
  7. Guru Vandana and Prayer create sense of submission and surrender, leading to increased Sakshivrutti.
  8. Some warming up exercises with limited dynamism should precede the process.
  9. Create a suitable ambience by using essence stick. The place should be sufficiently airy with normal ventilation.
  10. Use minimum but loose clothes in tune with our cultural background.
  11. As far as possible practice in “Sole” as it is a Sadhana for “Soul”
  12. After learning from proper guide or Guru, practice with absolute precision.
  13. The practice should be technique free from server insistence on it.
  14. Observance of Five stages is a must, as it can lead to perfection with minimum mistakes.
  15. Try to master the easy positions initially and then proceed for difficult one.
  16. Always be within your designated natural capacity and physical limitations.
  17. Follow the contrast indications meticulously, as it is a practice for pleasure and comfort.
  18. Design the Sadhana as per the time availability. There can be a combination of various positions described above. Choose at least 2 Asana from each category.
  19. Pranayama and Relaxation must be an integral part of Sadhana, which can give an experience of journey from gross to subtle.
  20. Practice of Dhyana for some time can give completeness to the Sadhana.
  21. Conclude the practice with Shantipath and chanting of Om once in a lower pitch with prolonged maker. Experience the inner silence for a while and open the eyes after palming.

You may be interested in reading our “Om Mediation” article, How to Practice Pranav Sadhana to Achieve Mental Peace? 

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Om Meditation – How to Practice Pranav Sadhana to achieve Mental Peace?


Om Meditation – How to Practice Pranav Sadhana to achieve Mental Peace?

Om MeditationPranav Sadhna (Om Meditation) can be done in two ways, one by gazing (Darshan) and secondly by chanting (vocal). The Darshan Sadhna can be done Through Trataka, wherein one looks at image oh Om with Steady eyes, trying to explore all expressed and implied meaning of Om, normally called ‘Bhaitrataka. Then by closed eyes one has to visualize all that seen,normally called ‘Antartrataka. This initial process of 2-3 minutes makes the mind conductive, focused and concentrated, It only purifies the cavity oy eyes but calms the mind as well.it is in instant measure to regain the composure of the mind.

The Vocal Sadhna can be done with the help of chanting the Om.The word Om is a combination oh “Aa”, “Au” and half note of Dot. thus  it is an outcome of  three and half Notes or Matra ,called as “Auta” th by Samarth Ramdas Swami. This each word has specific relevance as far as the science of speech is concerned. All words starting from “Aa” originate From Throat (Kanthavya),those starting from “Au” originate from Tongue(Taalavya) ,those starting From “Ma” originate from lips (Oshtavya) and half note originates From nose(Anunasik).A conscious use of these origins of sound complete the chanting of Om. However While Chanting  Om normally Oo and Ma are expressly uttered to comlete the word Om.

In order to have divine experience of Om following is the simple method of Pranava Sadhna (Om Meditation):

1: Sit on any comfortable and soft Asana(mat) in Sukhasana or any meditative posture like Padmasana,Vajrasana or Swastikasana with both the Dronemudra. Spine eract but relaxed and neck Straight.

2:Relax the entire body with eyes gently closed and relaxed facial muscles.

3: Have few ronds of deep breathing to exhaust the impurities on physical level.

4:Exhale out completely and then inhale slowly and deeply .wait for a while and chant the Om and small duration of Ma in an open and clear voice. In the same way continue to have chanting in middle and lower pitches with respective proportion of Oo and Ma. Have a short Pause between two chanting to experience and notice intaernal changes.

5:As the pitches change,the difference in the intensity and vibrations can be  clearly experienced.They can be experienced in three different parts of the body with the help of specific awareness.

6:In the first level of chanting there is alpha wave domainance in the brain,in the second chanting the Alpha and Theta Domainance is in equal  proportion. In the Third Chanting there is more Theta wave domainance.Alpha waves indicate the peaceful state of mind, whereas the Theta waves indicate the advanced peaceful state of mind.

7:Those having knowledge of Sapta Chakras or energy points in the body can focus the awareness at Muladhar and Swadhishtana chakra during high pitch chanting, at Manipur and Anahta chkra during middle pitch and at Vishuddhi, Ajna and Sahastrar Chakra during lower pitch chanting.

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Yoga Asanas Effective for Health Problems – जानिये किस रोग में कौन सा आसन है उपयुक्त


Effective Yoga Asanas for Health Problems – जानिये किस रोग में कौन सा योग आसन है उपयुक्त

yoga asanasनीचे दिये योग आसन (Yoga Asanas) काफी असरदार साबीत होते है अलग अलग बिमारियोंमे.

 

  • सिर की बिमारियों में- सर्वांगासन, शीर्षासन, चन्द्रासन।
  • जुकाम– सर्वांगासन, हलासन, शीर्षासन।
  • मधुमेह- पश्चिमोत्तानासन, नौकासन, वज्रासन, भुजंगासन, हलासन, शीर्षासन।
  • गला- सुप्तवज्रासन, भुजंगासन, चन्द्रासन।
  • पेट की बिमारियों में- उत्तानपादासन, पवनमुक्तासन, वज्रासन, योगमुद्रासन, भुजंगासन, मत्स्यासन।
  • वीर्यदोष– सर्वांगासन, वज्रासन, योगमुद्रा।
  • आंखें- सर्वांगासन, शीर्षासन, भुजंगासन।
  • कमर के लिए– सर्पासन, पवनमुक्तासन, सर्वांगासन, वज्रासन, योगमुद्रासन करें।
  • कद बड़ा करने के लिए- ताड़ासन, शक्ति संचालन, धनुरासन, चक्रासन, नाभि आसन करें।
  • मधुमेह के लिए- मत्स्यासन, सुप्तवज्रासन, योगमुद्रासन, हलासन, सर्वांगासन, उत्तानपादासन करें।
  • मोटापा घटाने के लिए– पवनमुक्तासन, सर्वांगासन, सर्पासन, वज्रासन, नाभि आसन करें।
  • गठिया– पवनमुक्तासन, पद्ïमासन, सुप्तवज्रासन, मत्स्यासन, उष्ट्रासन।
  • नाभि- धनुरासन, नाभि-आसन, भुजंगासन।
  • गर्भाशय– उत्तानपादासन, भुजंगासन, सर्वांगासन, ताड़ासन,  चन्द्रानमस्कारासन।
  • कमर दर्द – हलासन, चक्रासन, धनुरासन, भुजंगासन।
  • फेफड़े- वज्रासन, मत्स्यासन, सर्वांगासन।
  • यकृत- लतासन, पवनमुक्तासन, यानासन।
  • गुर्दे की बीमारी में– सर्वांगासन, हलासन, वज्रासन, पवनमुक्तासन करें।
  • गले के लिए- सर्पासन, सर्वांगासन, हलासन, योगमुद्रा करें।
  • हृदय रोग के लिए- शवासन, साइकिल संचालन, सिद्धासन किया करें।
  • गुदा,बवासीर,भंगदर आदि में- उत्तानपादासन, सर्वांगासन, जानुशिरासन, यानासन।
  • दमा- सुप्तवज्रासन, मत्स्यासन, भुजंगासन।
  • अनिद्रा- शीर्षासन, सर्वांगासन, हलासन, योगमुद्रासन।
  • गैस– पवनमुक्तासन, जानुशिरासन, योगमुद्रा, वज्रासन।
  • मानसिक शांति के लिए– सिद्धासन, योगासन, शतुरमुर्गासन, खगासन योगमुद्रासन।
  • रीढ़ की हड्डी के लिए- सर्पासन, पवनमुक्तासन, सर्वांगासन, शतुरमुर्गासन करें।
  • गठिया के लिए- पवनमुक्तासन, साइकिल संचालन, ताड़ासन किया करें।
  • दमा के लिए- सुप्तवज्रासन, सर्पासन, सर्वांगासन, पवनतुक्तासन, उष्ट्रासन करें।
  • रक्तचाप के लिए– योगमुद्रासन, सिद्धासन, शवासन, शक्तिसंचालन क्रिया करें।
  • सिर दर्द के लिए- सर्वांगासन, सर्पासन, वज्रासन, धनुरासन, शतुरमुर्गासन करें।
  • पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए- यानासन, नाभि आसन, सर्वांगासन, वज्रासन करें।
  • आंखों के लिए- सर्वांगासन, सर्पासन, वज्रासन, धनुरासन, चक्रासन करें।
  • बालों के लिए– सर्वांगासन, सर्पासन, शतुरमुर्गासन, वज्रासन करें।
  • प्लीहा के लिए- सर्वांगासन, हलासन, नाभि आसन, यानासन करें।
  • कानों के लिए– सर्वांगासन, सर्पासन, धनुरासन, चक्रासन करें।
  • नींद के लिए– सर्वांगासन, सर्पासन, सुप्तवज्रासन, योगमुद्रासन, नाभि आसन करें।

हम आशा करते है आपको ये योग आसन (Yoga Asanas) टिप्स पसंद आयी होंगी. आरोग्य और आयुर्वेद के संबंध मे और ज्यादा जानकारी के लिये यहा क्लिक करो, Health & Ayurveda Section.

Sales to Delivery Handover – Essential Project Familarisation Step


Sales to Delivery Handover – Essential Step in Successful Project Start

Sales to Delivery Handover is an important and a critical task that needs to be completed as part of the Project Familiarisation.

sales to delivery handover

 

Below are the key steps to follow in the Sales to Delivery Handover process:

  • Why is the project important to the client?
  • Who are the key players?
  • What is the client and our company’s vision of the project?
  • What is the planned use of offshore and onshore?
  • What is the proposal?
  • What are the main deliverables?
  • What is the significance of the project milestones?
  • What is the Client Relationship Mapping?
  • Technologies, methods, timescales?
  • Are there specific security requirements?
  • What project Risks and Issues have been identified?
  • Who was involved in the Bid?
  • Where does the project fit in the context of the Account?

For more project management related information, please visit our Project Management Section.

How to Influence People – Influence and Persuasion Techniques


How to Influence People – Influence and Persuasion Technique

how to influence peopleHow to influence people is a daunting task. It is focused on methods of verbal influence and persuasion. Careful consideration is required to make an effective case. To this end, four essential aspects must be followed. These aspects are detailed here.

Stating your objective

Stating your objective requires short, informative explanations using simple, straightforward language. This explanation should also include

  • a description of how your objective benefits the organization
  • a request for your audience’s attention
  • a demonstration of value to people as well as to the mission of the organization

Demonstrating persuasion techniques

There are several common methods of verbal persuasion.

Problem and solution is a technique that describes an existing problem and then outlines a suggested solution. This technique is best when no other solution is to be offered.

Comparative advantage compares and contrasts the benefits of two or more solutions or options. This technique is best when you wish to emphasize the superiority of your preferred solution.

Reason giving provides three to five reasons why your audience should think, feel, believe, or act the same way as you do. This technique is best when you have a lot of expertise and facts to support your position.

Motivated sequence persuades and motivates through five steps:

  • attention: describe the situation or solution you wish to achieve
  • need: explain the need for this situation or solution
  • satisfaction: explain what is required to satisfy the need
  • visualization: ask the listener to visualize the positive effect of satisfying the need
  • action: give instructions on how to effect the change.

This technique is best when you want immediate action.

Using questions

Using questions can help persuade and influence by encouraging dialogue, obtaining agreement, and guiding discussion.

Open-ended questions require more than a “yes” or “no” and encourage dialogue.

Close-ended questions require a “yes” or “no” and focus responses in order to obtain agreement.

Leading questions guide the listener by suggesting the specific desired response. For example, “If we hope to encourage customers to purchase the new version of our product, shouldn’t we provide a means for them to recycle their old versions?”

Acknowledging opposing perspectives

No matter your success with the above steps, opposition can still remain, which is often frustrating. These steps can help overcome differing perspectives.

  • Imagine the person’s position. Keep an open mind and consider the other person’s perspective.
  • Ask directly about the problem. Ask what problem or roadblocks remain in the person’s mind.
  • Agree with reservations. Agree with the other person’s perspective but reserve the right to pause the discussion if it becomes counterproductive.
  • Raise the relationship. Highlight common ground and explain the beneficial relationship that your positions share.

Hope you must have liked this article on How to influence People. For more training articles on career and personality development, you can visit our http://bigthoughts.co/category/training-and-development/ section.

Tulsi Vivah – Importance and Significance of Tulsi Vivah (तुलसी विवाह का महत्व)


तुळशी विवाह (Tulsi Vivah)

तुळशी विवाह (Tulsi Vivah) हा सण साजरा करण्याची पद्धत, या सणाची वैशिष्ट्ये, तुलसी दर्शनाचे महत्त्व, तुळशीची आध्यात्मिक वैशिष्ट्ये, तुळशीचा विवाह प्रतिवर्षी श्रीकृष्णासमवेतच लावण्यासंबंधीची कथा, तसेच ‘देवाला नैवेद्य दाखवतांना तुळशीच्या पानांचा वापर का करावा ?’, यासंबंधीची माहिती येथे देत आहोत.

tulsi vivah
PC: IndiaMarks

१. तिथी

हा विधी कार्तिक शुद्ध द्वादशीपासून पौर्णिमेपर्यंत एखाद्या दिवशी करतात.

२. पूजन

श्रीविष्णूचा (बाळकृष्णाच्या मूर्तीचा) तुळशीशी विवाह लावून देणे, हा तुळशी विवाहाचा विधी आहे. पूर्वीच्या काळी बालविवाहाची पद्धत होती. विवाहाच्या पूर्वदिवशी तुळशीवृंदावन रंगवून सुशोभित करतात. वृंदावनात ऊस, झेंडूची फुले घालतात आणि मुळाशी चिंचा अन् आवळे ठेवतात. हा विवाहसोहळा सायंकाळी करतात.

३. वैशिष्ट्ये

तुळशी विवाह झाल्यानंतर चातुर्मासात जी व्रतेघेतलेली असतील, त्या सर्वांची सांगता करतात. चातुर्मासात जे पदार्थ वर्ज्य केले असतील, ते पदार्थ ब्राह्मणाला दान देऊन मग स्वतः सेवन करतात.

तुळशी विवाहाच्या दिवशी सायंकाळी ब्रह्मांड पोकळीतील विष्णु आणि लक्ष्मी या तत्त्वांच्या सूक्ष्मतर लहरींचे ब्रह्मांडात आगमन होते. वातावरणातील विष्णु आणि लक्ष्मी या तत्त्वांच्या कार्याचे प्रमाण वाढून या लहरींचा संयोग घडून येतो. या लहरींच्या संयोग सोहळ्यालाच तुळशी-विवाह असे म्हणतात. तुळशीच्या रूपात लक्ष्मीची आणि श्रीकृष्णाच्या रूपात श्रीविष्णूची पूजा केली जाते. या दोन्ही तत्त्वांचा अधिकाधिक लाभ मिळवण्यासाठी सायंकाळी तुळशी-विवाह साजरा केला जातो. तुळशी विवाहाच्या मुहूर्त कालातच श्रीविष्णु-लक्ष्मी या दोन तत्त्वांच्या लहरींचे आगमन आणि संयोग घडून येत असतो. वातावरणातील या सात्त्विकतेचा फायदा मिळावा, यासाठी तुळशी-विवाह हा मुहूर्त कालातच करावा.

४. तुलसी दर्शनाचे महत्त्व

‘प्रत्येक हिंदूच्या घरी तुळस असायलाच हवी’, असा संकेत आहे. ‘सकाळी आणि सायंकाळी सर्वांनीच तुलसीदर्शन करावे’, असे सांगितले आहे. या तुलसीदर्शनाचा मंत्र पुढीलप्रमाणे आहे.

तुलसि श्रीसखि शुभे पापहारिणि पुण्यदे ।
नमस्ते नारदनुते नारायणमनःप्रिये ॥ – तुलसीस्तोत्र, श्‍लोक १५

अर्थ : हे तुलसी, तू लक्ष्मीची मैत्रीण, शुभदा, पापहारिणी आणि पुण्यदा आहेस. नारदाने स्तवलेल्या आणि नारायणाला प्रिय अशा तुला मी वंदन करतो.

५. तुळशीची आध्यात्मिक वैशिष्ट्ये

५ अ. पापनाशक : ‘तुलशीचे दर्शन, स्पर्श, ध्यान, नमन, पूजन, रोपण आणि सेवन या गोष्टी युगायुगांची पातके नष्ट करतात.

५ आ. पवित्रता : तुलसीचे बन असलेल्या परिसरातील कोसभर भूमी गंगेसारखी पवित्र बनते. या संदर्भात स्कन्दपुराणात (वैष्णवखण्ड, अध्याय ८, श्‍लोक १३ मध्ये) म्हटले आहे,

तुलसीकाननं चैव गृहे यस्यावतिष्ठते ।
तद् गृहं तीर्थभूतं हि नायान्ति यमकिङ्कराः ॥

अर्थ : ज्या घरी तुलसीचे वन आहे, ते घर तीर्थासारखे पवित्र होय. त्या घरात यमदूत येत नाहीत.

५ इ. सर्व देवतांचा वास असणे : ‘तुलशीच्या वनस्पतीत मुळापासून अग्रापर्यंत सर्व देवता वास्तव्य करतात’, असे सांगितले आहे.

५ ई. श्रीविष्णूला परमप्रिय असणे

१. तुलसी वृंदावनात रहाते. ती श्रीविष्णूला परमप्रिय आहे.

२. तुलसीदलाविना श्रीविष्णूची पूजा केल्यास ती व्यर्थ ठरते. पद्मपुराणात म्हटले आहे की, सुवर्ण, रत्ने आणि मोती यांची फुले श्रीविष्णूला वाहिली, तरी त्यांना तुलसीदलाच्या १६ व्या कलेचीही सर येणार नाही.

३. तुलसीपत्र ठेवल्यावाचून किंवा तुलसीदलाने प्रोक्षण केल्यावाचून श्रीविष्णु नैवेद्य ग्रहण करत नाहीत.

४. कार्तिक मासात (महिन्यात) तुलसीदलाने केलेल्या विष्णुपूजेचे माहात्म्य विशेष आहे.

५. श्रीविष्णु, श्रीकृष्ण किंवा पांडुरंग यांच्या गळ्यात तुळशीचा घवघवीत हार घालतात.

संदर्भ : ‘भारतीय संस्कृतीकोश’, खंड ४, पान क्र. १५५

६. तुळशीचा विवाह (Tulsi Vivah) प्रतिवर्षी श्रीकृष्णासमवेतच लावण्यासंबंधीची कथा !

देवांचे जलंधर दैत्याशी युद्ध चालू होते. त्या जलंधराची वृंदा नावाची पत्नी पतीव्रता होती. तिच्या पातिव्रत्याच्या प्रभावामुळे देवांकडून जलंधर दैत्याचा वध होत नव्हता. श्रीविष्णूने जलंधराचे रूप घेऊन वृंदेचे पातिव्रत्य भ्रष्ट केले. त्याच वेळी श्रीविष्णूने वृंदेच्या पातिव्रत्यावर प्रसन्न होऊन तिला वर दिला, ‘वृंदा, तू तुळस होऊन सर्वांना वंदनीय होशील. तुझ्या तुलसीपत्राने भक्त माझी पूजा करतील. तसेच प्रतिवर्षी कार्तिक मासात तुझा विवाह माझ्याशी लावण्यात येईल.’ भगवान श्रीकृष्ण हा श्रीविष्णूचा पूर्णावतार आहे. त्यामुळे प्रतिवर्षी कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वादशीपासून पौर्णिमेपर्यंत एखाद्या दिवशी तुळशीचा विवाह (Tulsi Vivah) श्रीकृष्णाशी लावतात.

७. देवाला नैवेद्य दाखवतांना तुळशीच्या पानाचा वापर का करावा ?

देवाला नैवेद्य दाखवतांना तुळशीच्या पानांचा वापर केल्याने नैवेद्य देवतेपर्यंत लवकर पोचणे, सात्त्विक होणे आणि त्याच्यावर वाईट शक्तींचे आक्रमण होण्याची शक्यता न्यून होणे

७ अ. तुळशीचे वैशिष्ट्य : तुळस ही वनस्पती वायूमंडलातील सात्त्विकता खेचण्यात आणि ती प्रभावीपणे जिवाकडे प्रक्षेपित करण्यात अग्रेसर आहे. ब्रह्मांडातील श्रीकृष्णतत्त्व खेचून घेण्याची क्षमताही तुळशीत अधिक असते.

७ आ. लाभ

१. तुळशीच्या पानाने नैवेद्य दाखवल्याने सात्त्विक अन्नातून प्रक्षेपित होणार्‍या सूक्ष्म-लहरी तुळशीच्या पानाकडून ग्रहण केल्या जातात. असे सूक्ष्म-लहरींनी युक्त पान नंतर देवाला अर्पण केल्यामुळे देवतेच्या तत्त्वाकडून त्या लहरी पटकन ग्रहण केल्या जातात. अशा प्रकारे आपण अर्पण केलेले अन्न तुळशीच्या पानांच्या माध्यमातून देवतेपर्यंत लवकर पोचून देवता लवकर संतुष्ट होण्यास साहाय्य होते.

२. अन्नावर आलेले रज-तम कणांचे आवरण तुळशीचे पान नैवेद्यावर ठेवल्यामुळे न्यून (कमी) होते. तुळशीदलातून प्रक्षेपित होणार्‍या सात्त्विक लहरींमुळे नैवेद्याभोवतीचे वायूमंडल शुद्ध झाल्याने नैवेद्यावर वाईट शक्तींचे आक्रमण होण्याची शक्यताही न्यून होते.

३. नैवेद्यावर भावपूर्णरित्या तुळशीदल ठेवल्याने ते त्याच्या उपजत गुणधर्माप्रमाणे देवतेकडून येणारे चैतन्य ग्रहण करून प्रभावीपणे नैवेद्याकडे संक्रमित करते. नंतर अशा नैवेद्याच्या सेवनाने जिवाच्या देहाला चैतन्यलहरी मिळण्यास साहाय्य होते.’

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Big Thought for Big Achievement

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